बिहार

भक्ति रस में सराबोर हुआ भगतपुर गांव नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन

भक्ति रस में सराबोर हुआ भगतपुर गांव नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन

नेशनल लाइव 24×7 कृष्णनंदन सिंह बलिया 

जिस मनुष्य का मस्तक गुरू, भगवान, संत एवं माता-पिता के चरणों में नहीं झुकता है उस मनुष्य एवं उसके मस्तक का कोई महत्व नहीं है। जो नेत्र को सार्थक बनाने के लिए भगवान संत एवं गंगा का दर्शन नहीं किया उनके नेत्र मोर की पंख के समान है। शरीर को सार्थक बनाने के लिए भगवान का भजन करना जरूरी है। उक्त बातें बलिया प्रखंड क्षेत्र के भगतपुर स्थित श्री राम जानकी ठाकुरवाङी में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के प्रथम दिन रविवार को अयोध्या धाम के कथा वाचक श्री देवेंद्र दास रामायणी जी ने कहा। उन्होंने कहा कि जब तक भगवान की असीम कृपा नहीं होती तब तक कहीं भी कथा प्रवचन का आयोजन नहीं हो सकता। आगे उन्होंने कहा कि मनुष्य को कहीं भी शुभ कार्य में निकलने से पहले भगवान का दर्शन एवं उनका चरणामृत ग्रहण करने के बाद ही शुभ कार्य में निकलना चाहिए।

जिससे उस मनुष्य पर भगवान की कृपा बनी रहती है। मौके पर रामचरित्र मानस गोष्टी भगतपुर के व्यास सुनील चौधरी, अध्यक्ष योगेंद्र चौधरी, सदस्य धर्मदेव चौधरी, राकेश सिंह, रामाकांत सिंह, अशोक चौधरी, दीपक कुमार सिंह, अनिल सिंह, विवेकानंद राय, मंजीत राय, राजेश राय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।