बिहार

लोक आस्था का महापर्व छठ की खरना को लेकर उमङी भीङ

  1. लोक आस्था का महापर्व छठ की खरना को लेकर उमङी भीङ

बलिया स्टेशन चौक से लखमिनियां बाजार तक पैदल चलना मुश्किल

कृष्णनंदन सिंह बलिया बेगूसराय 

 

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा के दूसरे दिन सोमवार को खरना की खरीददारी को लेकर स्थानीय बाजार में दोपहर बाद अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। जो दुर्गा पूजा के मेले से भी अधिक थी और हर तरफ लोगों के सर ही सर नजर आ रहे थे। हर किसी के हाथ से लेकर माथे तक नारियल, केला, गन्ना सहित छठ पर्व में लगने वाले अन्य सामग्री की खरीदारी कर अपने-अपने घरों की ओर जा रही थी। एक ओर जहां बढ़ती महंगाई के कारण छठ पर्व के सामग्रियों की खरीददारी में श्रद्धालुओं का जेब ढीला हो रहा है। वहीं इस महंगाई पर आस्था भारी पड़ता नजर आया। दिनभर बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। दुकानदार भी लोगों को उनके जरूरतों का सामान देने में अस्त व्यस्त दिखे। अचानक दोपहर बाद उमड़ी भीड़ के कारण स्थानीय बाजार में हर तरफ जाम जैसा नजारा देखा जा रहा था। वहीं स्थानीय प्रशासन के द्वारा छठ पर्व को लेकर बाजार में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए बाजार से चार पहिया एवं तीन पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया। जिससे लोगों को खरीदारी करने में काफी सहूलियत हुई। खरना को उमड़ी खरीदारी के लिये उमड़ी भीड़ को कंट्रोल के लिये प्रशासन के द्वारा कोई खास इंतजाम नहीं किया गया था। लखमिनियां बाजार से लेकर स्टेशन चौक तक में सिर्फ दो जगहों पर होमगार्ड के जवान एवं चौकीदार की व्यवस्था की गई थी। भीड़ को देखते हुये जो काम स्थानीय प्रशासन को करना था वह काम मजबूरन लखमिनियां बाजार के दुकानदारों को करना पड़ा। दुकानदारों ने लखमिनियां बाजार के पूर्वी छोर पर एक बिजली का पोल सड़क पर रखकर चार पहिया एवं तीन पहिया वाहनों के बाजार प्रवेश पर रोक लगाया। बलिया बाजार में नारियल प्रति जोड़ 60 से 100, सेव 60 से 80 रूपये किलो, संतरा 60 से 70 किलो, केला 30 से 50 रूपये दर्जन, गन्ना 30 से 60 रूपये जोड़ा एवं आनानस 40 रूपये जोड़ा तक विकी।