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पढा़ई के दौर में हाइटेक हो रहे बच्चें

पढा़ई के दौर में हाइटेक हो रहे बच्चें

नेशनल लाइव 24×7 संवाददाता / श्याम सुंदर कुमार

बहुत तेज़ी से बदल रहा हैं बच्चों के फैशन का अंदाज

कड़ी मेहनत, मानसिक तनाव का भी दिखता हैं असर

बलिया/बेगूसराय:- आज के भागमभाग भरी जिंदगी में बचपन के स्वरुप में भी खासा बदलाव आ गया हैं बच्चे आधुनिक की इस दौर में सजग,स्मार्ट और हाइटेक तो हो रहे हैं, परंतु विरासत और अपनी सभ्यता-संस्कृति को भुलने लगे हैं । एकल परिवार के आदि हो चुके ये बच्चे दादा- दादी, चाचा-चाची से बस औपचारिकता ही निभाते हैं । ऐसी परिस्थिति में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के जन्म दिवस को बाल दिवस के रुप में रुप में मनाया जाना बच्चों के दिलो दिमाग में चाचा के प्रति अगाध स्नेह व प्रेम भाव को उभारता हैं । बच्चे चाचा नेहरु को याद करते हुए अनायास ही अपने चाचा को भी याद करने लगते हैं ।
संत जौसेफ़ सेकेण्ड़री स्कुल के छात्र श्याम सुदंर कुमार से बाल दिवस के बारे में पूछा गया तो कौतुहल से भरे बच्चे ने चाचा नेहरु के संबंध में कई सवाल कर डाले । वही जब उसने अपने चाचा के बारे में पूछा गया,तो कहा, मेरे चाचा बहुत अच्छे हैं मैं उन्हें इस मौके पर गुलाब भेंट करता हुं । कुछ बच्चे इतने हाइटेक हैं कि नेट के माध्यम से बाल दिवस मनाने को सोचते हैं जिस कारण निजी विधालयों में बाल दिवस मनाने के स्वरुप में काफ़ी बदलाव आता दिख रहा हैं । कई बच्चे नेट से जुड़ चुके हैं ।

बच्चों पर इंटरनेट का प्रभाव :
आज के बच्चे इंटरनेट की वजह से सजग और स्मार्ट होने के साथ हाइटेक दिख रहे हैं । बच्चे का मानसिक विकास काफ़ी द्रुतगति से हो रहा हैं वही इंटरनेट का प्रतिकूल प्रभाव बच्चों को शारिरीक व मानसिक रुप से समय से पहले ‘परिपक्व’ बना रहा हैं । जिससे विधालय और समाज में कई तरह की विसंगतियां देखी जा रही हैं । इंटरनेट से जुड़े अधिकांश बच्चे अंतरमुखी होते जा रहे हैं ।